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गणित मे वर्ग तथा वर्गमूल के महत्त्वपूर्ण 3 स्मरणीय बिंदु – math me varg tatha vargamool ke mahattvapoorn 3 smaraneey bindu

वर्ग तथा वर्गमूल (Square and square root)

वर्ग (Square)
 जब किसी दी गई संख्या की उसी संख्या से गुणा की जाती है, तो प्राप्त गुणनफल दी गई संख्या का वर्ग कहलाता है।
 उदाहरण – 5 का वर्ग = 5² = 5 x 5 = 25

वर्गमूल (Square Root) 
 किसी दी गई संख्या का वर्गमूल वह संख्या है, जिसका वर्ग करने पर दी गई संख्या प्राप्त होती है। इसे चिह्न (√) द्वारा प्रदर्शित करते है।
 उदाहरण – 4 का वर्गमूल = √4 = 2

वर्गमूल ज्ञात करने की विधियाँ (Methods of Finding Square Root)
वर्गमूल दो विधियों से ज्ञात किया जाता है-
1. गुणनखण्ड विधि
2. भाग विधि 

1. गुणनखण्ड विधि (Factor Method) 
     इस विधि द्वारा वर्गमूल ज्ञात करने के लिए निम्न चरणों का पालन किया जाता है-
  (I) सर्वप्रथम दी गई संख्या के अभाज्य गुणनखण्ड करते है।
  (II) समान गुणनखण्डों के जोड़े बनाते हैं।
  (III) प्रत्येक जोड़े से एक – एक गुणनखण्ड लेकर उनका गुणनफल ज्ञात करते हैं। प्राप्त गुणनफल ही दी गई संख्या का वर्गमूल होता है।
  जैसे – √18225 = √5×5 x 3×3 x 3×3 x 3×3 ( अभाज्य गुणनखण्ड )
   = 5 × 3 × 3 × 3 = 135
   (प्रत्येक जोड़े की एक-एक संख्या का गुणनफल)

2. भाग विधि ( Division Method ) 
    1. दी गई संख्या के इकाई के अंक की ओर से दो-दो अंकों के जोड़े बनाये जाते हैं।
    2. बाईं ओर के सबसे पहले जोड़े या अंक में ऐसी संख्या से भाग देते हैं। जिसका वर्ग उस जोड़े या अंक के बराबर हो या उससे कम। इसी संख्या को भाजक तथा भागफल के स्थान पर लिख देते हैं।
    3. शेषफल ज्ञात करके अगले जोड़े को शेषफल के दाईं ओर लिखते हैं।
    4. भागफल का दुगुना करके प्राप्त संख्या को भाजक के स्थान पर रखते हैं। भाजक में रखी गई संख्या के दाईं ओर एक ऐसा अंक लिखते हैं जिससे बने भाजक को गुणा करने पर प्राप्त गुणनफल भाज्य के बराबर या उससे कम हो।
    5. प्राप्त शरफल को भोज्य के नीचे लिखकर शेषफल ज्ञात करते हैं तथा भाजक में रखे गए अंक को भागफल में लिख देते हैं।
    6. यह क्रिया तब तक करते हैं जब तक कि सब जोड़े समाप्त नहीं हो जाते। प्राप्त भागफल ही दी गई संख्या का अभीष्ट वर्गमूल है।
    जैसे — संख्या 190096 का वर्गमूल भाग विधि से इस प्रकार ज्ञात किया जाता है।

 स्मरणीय बिंदु

                 
1. सम संख्या का वर्गमूल सम संख्या तथा विषम संख्या का वर्गमूल विषम संख्या होता हैं।
2. √x + √x + √x . . . n बार = x
3. जिस संख्या के अन्त में इकाई का अंक 2, 3 या 7 हो, तो वह संख्या पूर्ण वर्ग नहीं होगी।

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