You are here
Home > Math > लघुगणक (Logarithms), लघुगणक के नियम (Laws of Logarithm) और top स्मरणीय बिन्दु

लघुगणक (Logarithms), लघुगणक के नियम (Laws of Logarithm) और top स्मरणीय बिन्दु

लघुगणक (Logarithms), लघुगणक के नियम (Laws of Logarithm) और top स्मरणीय बिन्दु

लघुगणक (Logarithms)

लघुगणक (Logarithm)

      यदि a कोई धनात्मक वास्तविक संख्या इस प्रकार है कि  aᵐ = x तथा m आधार a पर x का लघुगणक है तब इसे logₐ x = m के रूप में लिखा जाता है।
      उदाहरणार्थ    2³ = 8 को हम log (लॉग) की भाषा में इस प्रकार लिखेंगे।
   
                       log₂ 8 = 3
     

लघुगणक के नियम (Laws of Logarithm) 


 साधारण लघुगणक (Simple Logarithm)

       किसी संख्या के लघुगणक का आधार 10 हो, तो उसे साधारण लघुगणक कहते हैं। लघुगणक के पूर्णाक भाग को पूर्णाश तथा भिन्नात्मक भाग (या दशमलव भाग) को अपूर्णाश कहते हैं।
     

 पूर्णाश तथा अपूर्णाश (Characteristics and Mantissa) 

       संख्या में दशमलव बिन्दु के बाईं ओर (left side) जितने अंक होते हैं उससे एक कम पूर्णाश होता है और यदि दशमलव बिन्दु के बाईं ओर कोई अंक नहीं है, तब दशमलव बिन्दु तथा उसके दाईं ओर (right side) के प्रथम अंक के बीच जितने  शून्य होते हैं उससे एक अधिक, परन्तु ऋणात्मक पूर्णाश होता है। अपूर्णाश सभी संख्याओं का धनात्मक होता है तथा लघुगणक सारणी की सहायता से ज्ञात किया जाता है।
       किसी संख्या के दशमलव बिन्दु का स्थान बदलने से केवल पूर्णाश का मान बदलता है, अपूर्णाश के मान में कोई अन्तर नहीं आता। जैसे
     
                log751.3 = 2.8758
           log 0.07513 = 2.8758

स्मरणीय बिन्दु 

1. लघुगणक सदैव धनात्मक संख्याओं का ही लिया जाता है।  

2. संख्यात्मक गणनाओं में log का आधार 10 होता है जिसे साधारणतया लिखा नहीं जाता।

3. पूर्णांक संख्या के लघुगणक का पूर्णाश, संख्या के अंकों की संख्या से 1 कम होता है अर्थात् पूर्णाश से अंकों की संख्या 1 अधिक होती है। 

Leave a Reply

Top