(गणित) गुणनखण्ड के महत्त्वपूर्ण 14 सूत्र (Top 14 Formulas for Factors)

गुणनखण्ड (Factors)

बहुपद (Polynomials)

      एक चर वाले व्यंजक को बहुपद कहते हैं तथा इनकी घातें पूर्णाक में होती हैं। घातों के आधार पर ये तीन प्रकार के होते हैं - रैखिक (1 घात वाले), द्विघात बहुपद (2 घात वाले) तथा त्रिघात बहुपद (3 घात वाले)। 


     जैसे - x + 2y,x² + 2x + 3,x³ + 3x² + 5x + 9
     

गुणनखण्ड (Factors)

      दिए हए व्यंजक को दो या अधिक सरलतम व्यंजको अथवा खण्डों के गणनफल के रूप में व्यक्त कर दिया जाए, तो प्रत्येक व्यंजक अथवा खण्ड को मूल व्यंजक का गुणनखण्ड कहते हैं तथा इस क्रिया को गुणनखण्डन (Factorisation) कहते हैं।

     जैसे – x³ = x × x × x
              9x³ = 3 × 3 × x × x × x

      जिस तरह 8 का गुणनखण्ड 2 × 2 × 2 एवं 6 का गुणनखण्ड 2 × 3 है, उसी प्रकार बहुपदों को भी न्यूनतम सरल व्यंजकों के गुणनफल के रूप में व्यक्त करते हैं। जिसे बहुपदों का गुणनखण्ड कहते हैं। यह अध्याय बहुपदों के गुणनखण्ड पर आधारित है।

स्मरणीय बिन्दु 

1. समूहन विधि में व्यंजक को दो या अधिक ऐसे समूहों में बाँटते हैं जिनमें कोई राशि या संख्या उभयनिष्ठ हो। 

2. द्विघातीय त्रिपद व्यंजक में मध्य पद को इस प्रकार विभाजित करते है, कि वह प्रथम तथा तृतीय पद के गुणनफल के गुणनखण्डों के योग अथवा अन्तर के बराबर हो।
     नोट - यदि तृतीय पद (अचर पद) धनात्मक है, तो योगफल तथा यदि ऋणात्मक है तो अन्तर लेते है। 
     
3. यदि x = p रखने पर ax² + bx + c का शेषफल शून्य के बराबर हो, तो (x - p) इसका एक गुणनखण्ड होगा। 

4. यदि व्यंजक को (x + p) से भाग किया जाए, तो व्यंजक में x = - p रखने पर शेषफल प्राप्त होगा।

5. a² - b² = (a + b) (a - b)

6. (a + b)² = a² + b² + 2ab

7. (a - b)² = a² + b² - 2ab

8. (a + b)³ = a³ + b³ + 3ab (a + b)

9. (a - b)³ = a³ - b³ - 3ab (a - b)

10. a³ + b³ = (a + b) (a² - ab + b²)

11. a³ - b³ = (a - b) (a² + ab + b²)

12. (a + b + c)² = a² + b² + c² + 2ab +             
                                                 2bc + 2ca

13. a³ + b³ + c³ - 3abc = (a + b + c) (a² +   
                                 b² + c² - ab - bc - ca)

14. यदि a + b + c = 0,
      तब a³ + b³ + c³ = 3abc