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गति (Motion) के नियम के top 13 सूत्र – what is motion

 गति (Motion) के नियम के top 13 सूत्र - what is motion

गति (Motion)

दूरी तथा विस्थापन (Distance and Displacement)
      किसी गतिमान वस्तु द्वारा किसी समय में किसी भी दिशा में तय की गई लम्बाई को उस वस्तु द्वारा चली गई दूरी कहते हैं।
      जबकि वस्तु की अन्तिम तथा प्रारम्भिक स्थितियों के बीच की दूरी को विस्थापन कहते हैं।
       किसी वस्तु द्वारा चली गई दूरी शून्य नहीं हो सकती जबकि विस्थापन शून्य हो सकता है।
     
चाल (Speed) 
       किसी वस्तु द्वारा एकांक समयान्तराल में चली दूरी उस वस्तु की चाल कहलाती है। इसे u से प्रदर्शित करते हैं।
     
       चाल u = दूरी (∆s) / समयान्तराल (∆t)
     
चाल एक अदिश राशि है। इसका मात्रक SI प्रणाली में मीटर / सेकण्ड होता है।

वेग (Velocity)
      किसी वस्तु द्वारा एकांक समयान्तराल में तय किया गया विस्थापन उस वस्तु का वेग कहलाता है। वेग एक सदिश राशि है। SI प्रणाली में वेग का मात्रक मीटर / सेकण्ड होता है। दिशा तथा परिमाण (चाल) में से किसी एक के बदलने से वेग भी परिवर्तित हो जाता है।
      जैसे — वृत्तीय पथ पर एकसमान चाल से गतिमान वस्तु का वेग दिशा बदलने के कारण बदलता रहता है।
     
      वेग (v) = विस्थापन (∆⃗s) वेग / समयान्तराल (∆t)
     
औसत चाल तथा औसत वेग (Average Speed and Average Velocity) 
      किसी गतिमान वस्तु द्वारा एकांक समय में तय की गई औसत दूरी को औसत चाल कहते हैं।
     
       औसत चाल = कुल दूरी / कुल समय

      किसी वस्तु द्वारा एकांक समय में तय किये गये कुल विस्थापन को वस्तु का औसत वेग कहते हैं।
     
       औसत वेग = कुल विस्थापन / कुल समय
     
त्वरण (Acceleration) 
      वेग – परिवर्तन की दर को त्वरण कहते हैं।
     
      त्वरण = वेग – परिवर्तन / परिवर्तन में लगा समय

      यदि वस्तु के वेग में बराबर समयान्तरालों में बराबर परिवर्तन हो रहा है तो उसका त्वरण एकसमान कहलाता है।
      यदि वस्तु के वेग का परिमाण समय के साथ बढ़ रहा है तो वस्तु का त्वरण धनात्मक होता है।
       यदि वस्तु के वेग का परिमाण समय के समय घट रहा है तो त्वरण ऋणात्मक होता है इसे मन्दन (retardation) कहते हैं।
     
गति के समीकरण (Equations of Motion)
       यदि किसी वस्तु का प्रारम्भिक वेग u तथा एकसमान त्वरण a है तो t समय में s दूरी तय करने के पश्चात् वस्तु का वेग v हो जाता है।
     
       (i) v = u + at
       (ii) s = ut + 1/2 at²
       (iii) v² = u² + 2as
       (iv) Sₜ = u + 1/2 a(2t – 1)
     
नोट – [Sₜ = t वे सेकण्ड में चली दूरी]

1. यदि मन्दन है तो त्वरण का मान ऋणात्मक लेगें।
2. यदि पिण्ड एकसमान वेग से गतिमान हो तो a = 0 लेते हैं।
3. यदि वस्तु विरामावस्था से चलना प्रारम्भ करती है तो उसका प्रारम्भिक वर्ग u = 0 होता है।
4. यदि वस्तु अन्त में रूक जाती है तो अन्तिम वेग शून्य होता है।

गुरुत्व के अन्तर्गत गति (Motion Under Gravity) 
      ऊर्ध्वाधर ऊपर नीचे गति करती हुई वस्तु के लिये
       v = u ± gt
       h = ut ± 1/2 gt²
       v² = u² ± 2gh
       Sₜ = u ± 1/2 g(2t – 1)

जब वस्तु ऊपर से ऊर्ध्वाधर नीचे की ओर गिरती है तो g का मान धनात्मक लेते हैं।
जब वस्तु ऊर्ध्वाधर ऊपर की ओर फेंकी जाती है तो g का मान ऋणात्मक लेते हैं। g का मान प्रायः 9.8 मी/से² होता है।

विशेष बिन्दु 

      किसी वस्तु की किमी / घण्टा की चाल को मी/से में बदलने के लिए 5/18 से गुणा करते हैं।
      किसी वस्तु की मी/से की चाल को किमी / घण्टा में बदलने के लिये 18/5 से गुणा करते हैं।          

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