सदिश राशि ट्रिक | सदिश राशि के प्रकार - sadish raashi trik | sadish raashi ke prakaar

सदिश राशियाँ (Vector Quantities)

भौतिक राशियाँ (Physical Quantities)

      भौतिक राशियाँ दो प्रकार की होती हैं।
     
1. अदिश राशियाँ (Scalar Quantities)
           जिन राशियों को व्यक्त करने के लिए केवल परिमाण की आवश्यकता होती है। दिशा की नहीं अर्थात् ये राशियाँ दिशा परिवर्तन के कारण परिवर्तित नहीं होती हैं, इन्हें अदिश राशि कहते हैं।
            जैसे - लम्बाई, दूरी, द्रव्यमान, क्षेत्रफल, समय, चाल, कार्य, ऊर्जा, दाब, ताप, घनत्व, आयतन, विद्युत धारा आदि। 
           
2. सदिश राशियाँ (Vector Quantities)
           जिन राशियों को व्यक्त करने के लिए परिमाण एवं दिशा दोनों की आवश्यकता होती है अर्थात् ये राशियाँ दिशा परिवर्तन के कारण परिवर्तित हो जाती हैं इन्हें, सदिश राशियाँ कहते हैं।
           जैसे — विस्थापन, वेग, त्वरण, बल, संवेग, आवेग, भार, विद्युत क्षेत्र आदि।

 अदिश राशियों को बीजगणित के साधारण नियमों के अनुसार जोड़ा अथवा घटाया जा सकता है। सदिश राशियों को बीजगणित के साधारण नियमों के अनुसार जोड़ा अथवा घटाया नहीं जा सकता है।

3. सदिश निरूपण (Vector Notation) 
          सदिश राशियों को तीर द्वारा निरूपित किया जाता है। तीर की नोंक जिसे बाणाग्र (head) कहते हैं सदिश की दिशा को व्यक्त करती है तथा तीर की लम्बाई। सदिश के परिमाण को व्यक्त करती है।
         
 सदिश A को ⃗A से निरूपित करते हैं।


 सदिश राशियों से सम्बन्धित महत्वपूर्ण बिंदु (Important Points Regarding Vectors Quantities)  

शून्य सदिश (Zero or Null Vector) 
       ऐसा सदिश जिसका परिमाण शून्य हो, शून्य सदिश कहलाता है। इसकी दिशा अनिश्चित होती है।
     
                            ⃗⃗A = ⃗B
                      ⃗A - ⃗B = ⃗⃗0

एकांक सदिश (Unit Vector)
       वह सदिश जिसका परिमाण 1 होता है एकांक सदिश कहलाता है। यदि ⃗A एक सदिश है जिसकी दिशा ⃗A की दिशा में है, तब ⃗A की दिशा में एकांक वेक्टर को ⃗A से लिखा जाता है। इस प्रकार
                   
                        ⃗A = ⃗A /A

सदिशों का योग (Addition of Vectors)
      यदि दोनों सदिश ⃗A तथा ⃗B एक ही दिशा में हैं तो दोनों सदिशों का योग ⃗R = ⃗A + ⃗B होगा और यदि सदिश ⃗B सदिश ⃗A के विपरीत दिशा में है तो दोनों सदिश सदिशों का योग ⃗R = ⃗A + (- ⃗B ) = ⃗A - ⃗B होगा।
     
समान्तर चतुर्भुज का नियम (The Parallelogram Law)
      यदि दो सदिश ⃗A तथा ⃗B परस्पर कोण पर कार्य कर रहे हैं तब सदिशों का परिणामी सदिश