Sohar lyrics | sohar geet lyrics | by Sarita lokgeet









भोरही में उठनी बहूरिया त घर आंगन झारेली हो





ए ललना अचके में उठेला दरदिया कमर पीर आईले न हो -2





भोरही में उठनी बहूरिया त घर आंगन झारेली हो





ए ललना अचके में उठेला दरदिया कमर पीर आईले न हो -2





एक पीर आईले दूसर पीर अवरू तिसर पीर हो





ए ललना जामी गईले गोदिया बलकवा आंगन उठे सोहर हो -2





नाचत गावत ननदी अइनी ललन के खेलावेली हो





ए ललना के बबुआ के कजरा लगावेली थरिया बजावे ली हो -2





बरही के दिनवा ननदी नाचेलीे नाचत गावेली हो





ए ललना भौजी जे देवेली नेगवा देखत निक लागेला हो





ए ललना भौजी जे देवेली नेगवा बहुत निक लागेला हो