sohar geet lyrics: सैया जी से डमरु मंगवाईब त शिवजी के चढ़ाई हो | by Sarita lokgeet





मचीयानी बठेली सासु बहुआ अरज करे हो,ए अम्मा ले चली शिव जी के मंदिरिया त हम पूजा करब हो,





शिवजी के पूजीला पूजत एक विनती क॒रीला हो, शिवजी देदीना गोदी में बालकवा विनय मोरी भारी,





नां हो शिवजी देदीना गोदिया में बलकवा त डमरु चढ़ाईब॒ हो, अाठ महीना बितले नवा चढी गइले हों,





ए ललना जामी गइले, बबुआ नंदलाल महल उठे सोहर हो,





मचीयानी बैठेली सासु त बहूआ अरज कई ली हो,
ए अम्मा सोनवा के डमरु मंगाई त शिवजी के चढ़ाईब न हो,





एतना बचन सासु सुनेली सुनही ना पावे ली हो, ए बबुआ नईहर से डमरू मगईह शिवजी के चढ़ई हो,





एतना बचन बहुआ सुनेली सुनही ना पावेली हो, ए अम्मा सैंया जी से डमरु मंगाई शिवजी के चढ़ाई हो।





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