Bhojpuri sohar geet lyrics | sohar geet hindi lyrics | sohar hindi lyrics | sohar hindi mai lyrics | by Sarita lokgeet





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गरभ से रहली बहुरिया त सुतल रहली न हो ए ललना सुतले में उठल दरदीया त दरदे व्याकुल हो





दरदे से व्याकुल बहुरिया त सासू के पजरा गइली हो, ए अम्मा उठी गईले आजु दरदीया मैं दरदे व्याकुल न हो।





बहुआ से बोलेली सासु त सुन बहुआ बोलियाँ न हो, ए बहुआ होखे द ना भोर भिनुसहरा त ले चलब हस्पीटल न हो।





दरदे से व्याकुल बहुरिया त गोतीन के पजरा गइली हो, ए दीदी उठी गईले आजु दरदीया मैं दरदे व्याकुल न हो।





बहुआ से बोलेली गोतीन त सुन बहुआ बोलियाँ न हो, ए दुल्हिन होखे द ना भोर भिनुसहरा त ले चलब हस्पीटल न हो।





दरदे से व्याकुल बहुरिया त स्वामी के पजरा गइली हो, ए धनी उठी गईले आजु दरदीया मैं दरदे व्याकुल न हो।





धनी से बोलेले स्वामी त सुन धनी बोलियाँ न हो, ए धनी होखे द ना भोर भिनुसहरा त ले चलब हस्पीटल न हो।





भोर भइले भइले भिनुसहरा त ले गइले हस्पीटल न हो ए ललना होई गइले गोदीया बलकवा त जिअरा हर्षित हो।






https://youtu.be/PI5SzH9pXDM