कोपी कोपी बोलेली छठी मैया सुनिए सेवक लोग, मोरा घाटे दुबीया उपज गइले, मकरी बसेरा लिहले मकरी बसेरा लिहले।

बिनती से बोलेले सेवक लोग सुनिए छठीअ मैया  रउरा घाटे दुबीया छिलवाई देबो मकरी उजारी देबो।

रउरा घाटे चंदन छिडकाई देबो मकरी उजारी देबो।

कोपी कोपी बोलेली छठी मैया सुनिए सेवक लोग, मोरा घाटे दुबीया उपज गइले, मकरी बसेरा लिहले मकरी बसेरा लिहले।